Tuesday, August 20, 2019

क्या अनुच्छेद-370 पर पत्रकारों से भिड़े पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान? फ़ैक्ट चेक

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि 'जम्मू-कश्मीर के मसले पर किसी भी देश का समर्थन ना मिलने पर इमरान भड़के हुए हैं. इसी वजह से उन्होंने मीडिया के लोगों के साथ बदसलूकी की'.
क़रीब तीन मिनट के इस वीडियो में इमरान ख़ान के साथ पाकिस्तान के मौजूदा विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और रेल मंत्री शेख रशीद अहमद भी दिखाई देते हैं.
सोशल मीडिया पर बीते तीन दिन में बीस लाख से ज़्यादा बार देखे जा चुके इस वायरल वीडियो में दिखता है कि इमरान ख़ान गुस्से में आकर प्रेस वार्ता में मौजूद सभी लोगों से ख़ामोश होने को कहते हैं.
हमने पाया कि इस वीडियो को पचास हज़ार से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है और जिन्होंने यह वीडियो फ़ेसबुक या ट्विटर पर शेयर किया है, वो लिखते हैं, "अनुच्छेद-370 पर किसी भी देश का साथ ना मिलने पर पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान देने लगे पत्रकारों को गालियाँ."
चीन ने इस मामले में पाकिस्तान के पक्ष में कुछ बयान दिये हैं. लेकिन अधिकांश देशों ने जम्मू-कश्मीर को भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा बताया है.
बीबीसी ने पाया कि अनुच्छेद-370 के मुद्दे से जोड़कर सोशल मीडिया पर पीएम इमरान ख़ान का जो वीडियो शेयर किया जा रहा है, वो काफ़ी पुराना है और जम्मू-कश्मीर पर दोनों देशों के मौजूदा विवाद से इस वीडियो का कोई संबंध नहीं है.
रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है कि ये वीडियो जून 2015 का है. उस समय इमरान ख़ान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नहीं थे.
साल 2015 में पाकिस्तान में 'पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़)' पार्टी की सरकार थी और नवाज़ शरीफ़ देश के प्रधानमंत्री थे.
जबकि 'पाकिस्तान तहरीक़े इंसाफ़' पार्टी के चेयरमैन इमरान ख़ान पाकिस्तान में विपक्ष के सबसे बड़े नेताओं में से एक थे.
असल में जिस समय का ये वीडियो है, उस समय इमरान ख़ान ने अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की थी और प्रेस वार्ता में उन्होंने मीडिया के लोगों से कहा था कि 'पंजाब पुलिस की भूमिका ठीक नहीं है'.
7 जून 2015 की शाम को इस संबंध में इमरान ख़ान ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट भी किया था.
उन्होंने लिखा था, "यह जानकर हैरानी हुई कि रावलपिंडी के सादिक़ाबाद में पुलिस ने दो युवकों की हत्या कर दी है. नवाज़ शरीफ़ ने पंजाब पुलिस को हत्यारा बना दिया है."
इंटरनेट पर मौजूद कुछ पुरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये वीडियो 8 जून 2015 का है.
पाकिस्तान के समा टीवी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा था, "रावलपिंडी शहर की एक जनसभा में मीडिया से बात करते हुए अपने समर्थकों पर भड़के पीटीआई चीफ़ इमरान ख़ान."
लेकिन इस वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर सिर्फ़ उतना ही हिस्सा इस्तेमाल किया गया है, जब गुस्साए इमरान ख़ान लोगों पर 'ख़ामोशी-ख़ामोशी' चिल्लाते हैं.
'मौलाना' जगन्नाथ मिश्रा से लेकर नरेंद्र मोदी के प्रशंसक तक. तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के राजनीतिक सफ़र में कई मोड़ और उतार-चढ़ाव आए.
कांग्रेसी परिवार से ताल्लुक रखने वाले जगन्नाथ मिश्रा एक वक़्त में शक्तिशाली क्षेत्रीय क्षत्रप बन कर उभरे थे, जिनका अंत भारतीय जनता पार्टी की दहलीज़ पर हुआ.
इस पूरी यात्रा के बीच में कुछ वक़्त के लिए उनका पड़ाव जनता दल यूनाइटेड भी रहा, जहां उनके साथ उनके बेटे नीतीश मिश्रा भी थे.
2005 से 2010 के बीच नीतीश कुमार की सरकार में नीतीश मिश्रा कैबिनेट मंत्री रहे थे.
तीनों बार जब भी जगन्नाथ मिश्रा मुख्यमंत्री बने, उस समय कांग्रेस पार्टी कड़ी चुनौतियों का सामना कर रही थी.